Newjobwala

दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब, होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है,

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है

हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊँ मैं भक्ति भेंट अपनी, तेरी शरण में लाऊँ । माथे पे तू हो चन्दन, छाती पे तू हो माला जिह्वा पे गीत तू हो, तेरा ही नाम गाऊँ ।

कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे, आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे। हटने के नहीं पीछे, डरकर कभी जुल्मों से, तुम हाथ उठाओगे, हम पैर बढ़ा देंगे।